संदेश

मार्च, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

जीसस को पकड़ लिया जाता है

  और यीशु के पकड़ने वाले उस को काइफा नाम महायाजक के पास ले गए , जहां शास्त्री और पुरिनए इकट्ठे हुए थे।   और पतरस दूर से उसके पीछे पीछे महायाजक के आंगन तक गया , और भीतर जाकर अन्त देखने को प्यादों के साथ बैठ गया। महायाजक और सारी महासभा यीशु को मार डालने के लिये उसके विरोध में झूठी गवाही की खोज में थे।   परन्तु बहुत से झूठे गवाहों के आने पर भी न पाई।   अन्त में दो जनों ने आकर कहा , कि उस ने कहा है ; कि मैं परमेश्वर के मन्दिर को ढा सकता हूं और उसे तीन दिन में बना सकता हूं। तब महायाजक ने खड़े होकर उस से कहा , क्या तू कोई उत्तर नहीं देता ? ये लोग तेरे विरोध में क्या गवाही देते हैं ? परन्तु यीशु चुप रहा: महायाजक ने उस से कहा। मैं तुझे जीवते परमेश्वर की शपथ देता हूं , कि यदि तू परमेश्वर का पुत्र मसीह है , तो हम से कह दे। यीशु ने उस से कहा ; तू ने आप ही कह दिया: वरन मैं तुम से यह भी कहता हूं , कि अब से तुम मनुष्य के पुत्र को सर्वशक्तिमान की दाहिनी ओर बैठे , और आकाश के बादलों पर आते देखोगे।   तब महायाजक ने अपने वस्त्र फाड़कर कहा , इस ने परमेश्वर की निन्दा की...